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सास फूलने की बिमारी आम हो गयी हैं पहले यह बिमारी सिर्फ बूढ़े लोगो को हुआ करती थी लेकिन अब यह बिमारी जवानो को भी होने लगी हैं अक्‍सर ऐसा होता है कि बिना किसी बीमारी के भी काम करते हुए सांस फूलने लगती है या सीढ़ियां चढ़ने से सांस फूल जाती है. इसके अलावा और भी कई कारण होते हैं जिसके कारण व्यक्ति की सास फूलती हैं.

कई लोग सोचते हैं कि मोटे लोगों की सांस जल्दी फूलती है, लेकिन ऐसा नहीं है, यह सिर्फ एक मिथ जो लोगो को लगता हैं, कई बार पतले लोगों की सांस भी थोड़ा चलने पर ही फूलने लगती है. दिल्ली में वायु प्रदुषण के कारण, शहर में जहां हर तरह का प्रदूषण है, सांस फूलने की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है.

यह समस्या कई बार गंभीर रूप भी ले लेती हैं इसके अलावा लोगो को यह समस्या सर्दियों में ज़्यादा प्रभावित करती हैं, इसके बचने के बस यही उपाय हैं की व्यक्ति अपने आप को ढक कर रखे इसके अलावा कुछ प्रीकॉशन्स लेना भी बहुत ज़्यादा ज़रूरी हैं, यहाँ हम आपको बातएंगे के किस कारण से फूलती नहीं आपकी सास और क्यों ना करे इसे नज़रअंदाज़.

सास फूलने के कारण:

सांस फूलना या सांस ठीक से ना लें पाने का मुख्य कारण अस्थमा होता हैं.

इसके अलावा सास फूलने का कारण एलर्जी, संक्रमण, सूजन, चोट या मेटाबोलिक स्थितियों की वजह से भी हो सकता है.

इसके और भी कारणों में से एक कारण हैं सांस तब फूलती है जब मस्तिष्क से मिलने वाला संकेत फेफड़ों को सांस की रफ्तार बढ़ाने का निर्देश देता है. फेफड़ों से संबंधित पूरी प्रणाली को प्रभावित करने वाली स्थितियों की वजह से भी सांसों की समस्या आती है.

इसके अलावा भी फेफड़ों और ब्रोंकाइल ट्यूब्स में सूजन होना सांस फूलने के आम कारण हैं. यह समस्या बहुत ज़्यादा गंभीर होती हैं इसीलिए इसे नज़रअंदाज़ नहीं होना चाहिए.

इसी तरह धूम्रपान करने या अन्य टाक्सिंस की वजह से भी श्वसन क्षेत्र में लगी चोट के कारण भी सांस लेने में दिक्कत आती है.

दिल की बीमारियों और खून में ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण भी सास फूलने लगती हैं.

इसके अलावा बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिनमे यह समस्या तब उतपन्न होती हैं जब मौसम में किसी प्रकार का बदलाव आता हैं.

फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल और रिसर्च सेंटर के रेस्पिरेट्री के विभागाध्यक्ष डॉ. दानिश जमाल के अनुसार, ‘वसंत की गुनगुनी धूप की जगह गर्म हवाएं चलने लगी हैं, अधिकांश मरीज मौसमी दमे के शिकार हो जाते हैं. जो इसके मरीज हैं उन्हें इसके अटैक पड़ने लगते हैं.

यह भी सच हैं की सास फूलने के कारणों में से एक कारण हैं व्यक्ति का तनाव में रहना अगर व्यक्ति तनाव में रहता हैं तो संकेतो के बिगड़ने के कारण भी सास फूलने लगती हैं.

सास फूलने के कारण हो सकता हैं हार्ट अटैक:

सास फूलने से कई प्रकार की समस्याएं आती हैं लेकिन के आपको पता हैं की सास फूलने के कारण लोगो में हार्ट अटैक की समस्या भी हो सकती हैं, इसके कारण लोगो में दिल का दौरा भी पड़ सकता हैं. आप यह सुनकर हैरान होने लेकिन यह सच हैं.

बहुत जल्दी-जल्दी सांस लेने या सांस फूलने को डॉक्टरी भाषा में डायस्पनिया कहा जाता है, जिसमें छाती में बेहद कड़ापन महसूस होता है और दम घुटने लगता हैं, स्वीडन की यूनिवर्सिटी ऑफ गोथेनबर्ग में रिसर्च छात्र नासिर अहमदी ने एक बयान में कहा कि दम फूलना मूलत: दिल या फेफड़े से संबंधित बीमारी का संकेत है, क्योंकि दोनों अंग श्वसन प्रणाली से काफी नजदीकी रूप में जुड़े हुए हैं. इसके अलावा शोधकर्ताओं ने कहा कि दम फूलने की गंभीर समस्या हाई ब्लडप्रेशर का भी संकेत हो सकती है.

इसीलिए आपको इससे बचने के लिए खुद बहुत ज़्यादा प्रोटेक्ट करने की आवश्यकता होती हैं. रिसर्च के रिपोर्ट के अनुसार इस समस्या की जितनी जल्दी जांच होगी, रोग का उतना ही बेहतर इलाज होगा.

रिसर्च में यह बात भी सामने आई है कि दम फूलने की समस्या अगर छह सप्ताह या उससे अधिक समय तक जारी रहे, तो लोगों को डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि यह हार्ट फेल्योर या फेफड़े की गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है. इसलिए अगर आपको यह समस्या बहुत ज़्यादा हो रहे तो आपको चाहिए की आप इस समस्या को कतई नज़रअंदाज़ ना करे.

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